रेल यात्रा में वेटिंग लिस्ट एक ऐसा शब्द है जिससे हम सभी को काफी डर लगता है और सभी चाहते हैं कि हमारा रेलवे टिकट कभी भी प्रतीक्षा सूची में ना रह जाए।
कई बार हमारे लिए रेल यात्रा करना काफी जरूरी हो जाता है तो फिर हमें लंबी waiting list होने के दौरान भी हमे टिकट बुक करानी पड़ती है।
कई बार यात्रा के दिन तक भी टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता तो फिर आपको यात्रा के दौरान काफी परेशानी होती है।
क्या आप को पता है कि ट्रेन में कितने तरह का वेटिंग लिस्ट कोटा होता है और सबसे पहले कौन सी टिकट कंफर्म होती है?
इस लेख में हम जानेंगे कि रेलवे अपने यात्रियों को कितने तरह का waiting list quota देता है और उन सब में से कौन सी सबसे पहले कंफर्म होती है?
रेलवे टिकट में वेटिंग लिस्ट का क्या मतलब होता है | Waiting List Meaning in Hindi
Waiting List का मतलब है प्रतीक्षा सूची यानी अभी आपका टिकट कंफर्म नहीं हुआ है।
मान ले कि आपने कोई रेल टिकट बुक की और आपको वेटिंग लिस्ट में नंबर मिला 50 तो इसका मतलब यह है कि उस ट्रेन में कम से कम 50 लोगों को अपनी टिकट कैंसिल करनी होगी तब कहीं जाकर के आपका टिकट आधा कंफर्म होगा यानी आरएसी में आएगा जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे ।
उसके बाद भी जब RAC क्लियर होगी तब कहीं जाकर के आपका टिकट पूरा कंफर्म होगा।
अधिकतर ट्रेनों में भीड़ भाड़ काफी अधिक होती है और त्योहारों के समय तो पूछना ही क्या।
इसी भीड़भाड़ से बचने के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन की सुविधा दी है जिसमें आप अपनी सीट पहले से बुक करके कहीं भी यात्रा कर सकते हैं।
लेकिन अगर सभी सीटें भर जाती हैं उसके बाद भी भारतीय रेलवे वेटिंग लिस्ट में रिजर्वेशन चालू रखता है क्योंकि अपना यात्रा प्लान बदलने के कारण कुछ लोग बाद में भी टिकट कैंसिल करते रहते हैं।
अगर रेल waiting list quota में टिकट नहीं देगा तो हो सकता है कि उसकी काफी सारी सीटें खाली रह जाए तो इसी कारण से भारतीय रेल यह लिस्ट जारी करता है।
जैसे जैसे कोई भी व्यक्ति अपना टिकट कैंसिल करता रहता है वैसे वैसे यह वेटिंग लिस्ट नीचे खिसकती रहती हैं और एक के बाद एक टिकट कंफर्म होते रहते हैं।
यह पूरा प्रोसेस ऑटोमेटिक होता है।
वेट लिस्ट संख्या को कैसे समझें | How to Understand Waiting List Numbers?
चलिए इस एक उदाहरण से समझते हैं
ऊपर दिया हुआ फोटो देखें जो रेलवे के वेबसाइट से लिया गया है |
यहाँ पर 20.01.23 को वेटिंग स्टेटस है – GNWL21/WL14
यहां पर आपको जो दो संख्याएं दिख रही हैं उसमें एक है 21 जो कुल वेटिंग लिस्ट बताता है और 14 जो करंट वेटिंग लिस्ट स्टेटस बताता है।
इसका मतलब यह है कि अभी तक कुल 21 वेटिंग लिस्ट एलॉट हो चुकी है और जिस में से 7 लोगों ने टिकट कैंसिल करवाया जिसके बाद में अभी की करंट वेटिंग 14 चल रही है।
अगर आपने वेटिंग लिस्ट 14 पर अपना टिकट बुक कर दिया तो आपके आगे 14 लोगों को अपना टिकट कैंसिल कराना पड़ेगा तब कहीं जाकर के वह RAC में आएगा।
कई बार रेल टिकट बुकिंग के दौरान आपको ऐसा स्टेटस भी देखने को मिलेगा – GNWL/Available
जब भी आपको ऐसा स्टेटस दिखता है तब आप यह न सोचें कि आपको प्रतीक्षा सूची में जगह मिलेगी क्योंकि कुल स्टेटस तो वेटिंग में था मगर अभी काफी लोगों ने टिकट कैंसिल करवाया इसलिए करंट स्टेटस available में आ गया है।
तो अगर आप इस दशा में टिकट बुक करते हैं तो आपको कंफर्म सीट मिलेगी।
रेलवे टिकट में वेटिंग लिस्ट कोटा कितने प्रकार का होता है | Types of Waiting List in Railway Ticket?
भारतीय रेल जो टिकट इशू करता है उसमें एक 10 अंकों वाला PNR (पीएनआर) नंबर होता है जिसका मतलब है Passenger Name Record और इसमें काफी सारी जानकारियां दर्ज होती हैं।
आपके यात्रा टिकट में और भी कई जरूरी जानकारियां होती हैं जैसे ट्रेन नंबर, यात्रा का दिन, क्लास, शुरुआती और गंतव्य स्टेशन के नाम, आपकी टिकट का स्टेटस और अगर आपकी सीट कंफर्म है तो फिर बर्थ की डिटेल।
केवल टिकट बुक कर लेने से ही यह गारंटी नहीं है की आपकी सीट कंफर्म ही है और इसके लिए आपको अपने टिकट स्टेटस को चेक करना पड़ेगा।
यहां पर Ticket Status का मतलब है कि आपकी टिकट या तो वेटिंग लिस्ट (कोई सीट नहीं) में है, आरएसी (आधी सीट) है या फिर कंफर्म (पूरी सीट) है।
आइए बात करते हैं train ticket status और तरह-तरह की waiting list के बारे में |
1. GNWL: जनरल वेटिंग लिस्ट | General Waiting List
GNWL का मतलब है जनरल वेटिंग लिस्ट और सबसे आम तरह की वेटिंग लिस्ट होती है।
जीएनब्ल्यूएल waiting list वाले टिकट उन यात्रियों को दिए जाते हैं जो अपनी यात्रा शुरुआती स्टेशन या फिर उसके आसपास वाले स्टेशन से चालू कर रहे हैं।
उदाहरण के लिए मान लें आप दिल्ली से अहमदाबाद तक की यात्रा कर रहे हैं और आपने अपनी टिकट को दिल्ली या उसके आसपास के ही स्टेशनों से बुक किया है और अगर आपकी टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो फिर आपका टिकट स्टेटस हो जाएगा जीएनब्ल्यूएल।
यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि GNWL वेटिंग लिस्ट वाले टिकट का कंफर्म होने का चांस सबसे अधिक होता है।
2. RSWL: रोड साइड वेटिंग लिस्ट | Road Side Waiting List
आर एस डब्ल्यू एल एक खास तरह की वेटिंग लिस्ट होती है जो किसी खास स्टेशन के लिए बनाई जाती है और इसे रोडसाइड वेटिंग लिस्ट कहा जाता है।
RSWL waiting list उन्हें अलॉट होती है जब भी कोई यात्री अपनी यात्रा की शुरुआत बिल्कुल शुरुआती स्टेशन से करता है और उसका गंतव्य स्थान बीच का कोई स्टेशन होता है।
उदाहरण के लिए अगर किसी ने दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली राजधानी में टिकट बुक की है और उसका टिकट केवल फालना तक ही है तो उसे RSWL वेटिंग लिस्ट मिलने की संभावना है।
RSWL कोटा वाले टिकट के कंफर्म होने के चांसेस काफी ज्यादा कम होते हैं।
3. RLWL: रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट | Remote Location Waiting List
शुरुआती स्टेशन और अंतिम स्टेशन के बीच में पड़ने वाले जरूरी स्टेशनों के लिए कंफर्म सीटों का एक तय कोटा होता है।
कोटे के अनुसार ही इन स्टेशनों के बीच में यात्रा करने वालों के लिए सीट एलॉटमेंट होता है और जब यह सीटें खत्म हो जाती है तो फिर RLWL waiting list दिया जाता है और इसीलिए इसे रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट कहा जाता है।
RLWL waitlist वाले टिकटों के लिए कंफर्म होने के चांसेस भी कम रहते हैं क्योंकि यह निर्भर करता है कि उन बीच के स्टेशनों में से किस-किस ने अपना टिकट कैंसिल किया है।
रिमोट लोकेशन वाले स्टेशनों का चार्ट भी ट्रेन के जाने के 2 से 4 घंटे पहले ही रिलीज किया जाता है।
उदाहरण के लिए अगर आपको ग्वालियर से अहमदाबाद जाने वाली 22547 में जयपुर से लेकर के अजमेर तक का टिकट बुक करना है और अगर आपकी टिकट वेटिंग में है तो फिर आपको RLWL कोटा में ही टिकट मिलेगा।
4. PQWL: पूल्ड कोटा वेट लिस्ट | Pooled Quota Wait List
PQWL या पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों को एलॉट होती है जो अपनी यात्रा शुरुआती स्टेशन या फिर किसी बीच के स्टेशन से शुरु कर रहे हैं मगर उनका गंतव्य स्थान अंतिम स्टेशन से पहले पड़ने वाले स्टेशन है।
यह उन यात्रियों के लिए भी होता है जो अपनी यात्रा की शुरुआत किसी बीच के स्टेशन से कर रहे हैं और अंतिम स्टेशन तक जा रहे हैं।
उदहारण के लिए दिए गए स्क्रीनशॉट में देखें कि गोरखधाम एक्सप्रेस गोरखपुर से भटिंडा तक चलती है मगर जब इसमें गोरखपुर के पास वाले स्टेशन बस्ती से लेकर शकुरबस्ती तक का रिजर्वेशन किया गया तब PQWL स्टेटस मिला है |
शुरुआती और गंतव्य स्टेशनों के बीच में पड़ने वाले स्टेशनों के बीच में यह पूल्ड कोटा शेयर किया जाता है और एक बार की यात्रा के लिए केवल एक ही पूल्ड कोटा बनाया जाता है।
चूंकि बीच के सभी स्टेशनों के लिए एक ही pooled quota होता है इसलिए अगर मान लें दिल्ली और अहमदाबाद के बीच पड़ने वाले रेवाड़ी और जयपुर के बीच का पुल्ड कोटा भर गया और अगर किसी ने जयपुर से अजमेर का टिकट बुक किया है तो उसे वेटिंग लिस्ट ही मिलेगी।
इतनी कम सीटें रहने के कारण Pooled Quota waiting list (PQWL) के कंफर्म होने के चांसेस काफी कम होते हैं।
5. RQWL: रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट | Request Waiting List
Request waiting list एक बहुत ही स्पेशल कैटेगरी की वेटिंग लिस्ट है जो आपको मिलती है अगर आपने शुरुआती और अंतिम स्टेशनों के बीच में पड़ने वाले किन्हीं दो स्टेशनों के बीच का टिकट बुक किया है और अगर आपको जनरल, रिमोट लोकेशन या फिर पूल्ड कोटा के तहत सीट नहीं मिल पाई है तब।
RQWL टिकट के कंफर्म होने के चांसेस सबसे ज्यादा कम होते हैं और यह तभी कन्फर्म होता है अगर कोई यात्री शुरुआती स्टेशन से उस बीच के स्टेशन तक की यात्रा कर रहा हो और उसने अपना टिकट कैंसिल किया हो।
6. TQWL /CKWL: तत्काल कोटा वेट लिस्ट | Tatkal Quota Waiting List
अगर आप तत्काल में टिकट बुक कर रहे हैं और सभी कंफर्म सीटें खत्म हो गई हैं तो उसके बाद मैं आपके टिकट का स्टेटस हो जाएगा TQWL यानी तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट।
यहां पर एक बात ध्यान देने वाली है कि जब भी चार्ट बनता है तब जनरल वेटिंग लिस्ट यानी जीएनब्ल्यूएल को अधिक प्रेफरेंस दिया जाता है tatkal waiting list की अपेक्षा और इसलिए TQWL टिकट के कंफर्म होने के चांसेस कम ही होते हैं।
देखना न भूलें! |
दूसरे टिकट कोटा जिसमें आधी या पूरी सीट कंफर्म होती है | Other Ticket Quotas
अभी हमने ऊपर बात किया प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों के बारे में जिसमें आपको सीट नहीं एलॉट होती है|
अब हम जानेंगे दो अलग प्रकार के टिकट कोटा स्टेटस के बारे में जिसमें आपको बर्थ नंबर मिल जाता है।
1. RAC: रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन | Reservation Against Cancellation
आरएसी यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन एक प्रकार का स्पेशल टिकट स्टेटस होता है जिसमें एक ही सीट को 2 यात्रियों के लिए अलॉट किया जाता है यानि आधी सीट प्रति व्यक्ति |
आमतौर पर RAC status स्लीपर क्लास, 3AC और 2AC के लिए ही होता है और इसमें दो यात्रियों को एक ही साइड लोअर बर्थ एलॉट की जाती है।
टिकट बुकिंग के दौरान अगर आपको आरएसी स्टेटस मिल रहा है तो आप उसे जरूर ले लें क्योंकि RAC ticket के कंफर्म होने के चांसेस सबसे अधिक होते हैं।
कई बार आप की टिकट जो वेटिंग लिस्ट में होती है वह चार्ट बनने के दौरान RAC तक आ जाती है और आरएसी वाले टिकट पूरी तरह कंफर्म भी हो जाते हैं।
मैंने कई बार देखा है कि जब भी मैंने आरएसी टिकट पर यात्रा की है तो ट्रेन चलने के कुछ समय बाद टीटी द्वारा कंफर्म कर के पूरी सीट एलॉट कर दी जाती है।
अगर आपको RAC में सीट अलॉट हुई है तो उसे सबसे पहले R फिर कोच नंबर और उसके बाद सीट नंबर से दिखाया जाएगा
उदाहरण के लिए अगर आपको आरएसी स्टेटस अलॉट हुआ है तो फिर आपका स्टेटस होगा R A1 12, मतलब A1 कोच में RAC Seat No. 12।
2. CNF: कन्फर्म टिकट | Confirm Ticket
CNF ticket status का मतलब है कि आपको कंफर्म बर्थ एलॉट हुई है और आप सुकून के साथ यात्रा कर सकते हैं।
यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप अपना टिकट फर्स्ट एसी (1A) में बुक करते हैं तब आपको टिकट कंफर्म होने के बाद भी बर्थ नंबर नहीं मिलेगा क्योंकि आमतौर पर फर्स्ट एसी में चार्ट बनने के बाद ही सीट एलॉट की जाती है।
जैसे आप ऊपर दिया गया मेरे टिकट का स्क्रीनशॉट देख सकते हैं जो 1A में चेन्नई से रामेश्वरम तक का है |
यह टिकट कन्फर्म तो है (CNF) पर इसमें कोई भी सीट नंबर नहीं लिखा गया है |
क्या वेट लिस्ट टिकट पर यात्रा की जा सकती है | Do Waitlisted Passengers Allowed to Travel?
एक सबसे बड़ा प्रश्न सबके दिमाग में आता है कि अगर मेरी टिकट चार्ट बनने के बाद भी वेटिंग में रह गई है तो क्या मैं यात्रा कर सकता हूं।
यहां पर ध्यान दें कि अगर आपने अपनी टिकट को टिकट काउंटर से बुक किया है या फिर आपके पास पर आई-टिकट है तो इसी दशा में आप अपने वेटिंग लिस्ट स्टेटस के साथ में यात्रा कर सकते हैं।
अगर आपने ऑनलाइन टिकट बुक किया है और वह चार्ट बनने के बाद में वेटिंग में ही रह जाती है तो वह अपने आप कैंसिल हो जाएगी और पैसा वापस आपके खाते में चला जाएगा।
इस बात का ध्यान रखें और ऑनलाइन टिकट के साथ में वेटलिस्ट स्टेटस के दौरान यात्रा ना करें क्योंकि इस दशा में आपको बे-टिकट माना जाएगा।
अगर आपके पास में ऑनलाइन टिकट है और वह चार्ट बनने के बाद में RAC में आ चुका है तो फिर आप उस पर यात्रा कर सकते हैं।
अगर आपके पास में वेटलिस्टेड पेपर टिकट है तब टीटी के पास जाएँ और अगर सीट खाली हुई तो वह आपको सीट एलॉट कर सकता है, नहीं तो वह आपको निचली श्रेणी में यात्रा करने को बोल सकता है।
हालांकि नियमों के अनुसार अगर आपके पास में पूरी तरह से वेटिंग लिस्ट वाले टिकट है तो आप यात्रा नहीं कर सकते मगर फिर भी यात्री वेटिंग लिस्ट के साथ यात्रा करते दिख जाते हैं।
काफी खोजने के बावजूद भी मुझे इस पर कोई सीधी-सीधी नियमावली या गाइडलाइन नहीं मिली है।
और अंत में…
अगर आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो आपको यात्रा के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है पर कई बार यह हमारे हाथ में नहीं रहता है।
आप बस इतना कर सकते हैं की टिकट बुकिंग के दौरान ऊपर बताए गए कुछ खास कोटे जैसे GNWL या RAC में बुकिंग लेने का कोशिश करें जिससे कि आपकी सीट कंफर्म होने की आशा रहे।
अगर आपको किसी भी हालत में यात्रा करनी ही है तो आप यह कोशिश करें कि अपना रिजर्वेशन टिकट खिड़की से ही करें जिससे कि वेटिंग में रह जाने के बावजूद भी आप यात्रा कर सकते हैं।
अगर आपको रेलवे टिकट स्टेटस में कोई प्रश्न है तो आप टिप्पणी करके उसे पूछ सकते हैं।
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