मोबाइल कैमरा में ड्यूल एपर्चर क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोटोग्राफी में ड्यूल एपर्चर के क्या मायने हैं ?

एक ज़माना था जब अच्छी तस्वीरों के लिए हमें डिजिटल कैमरों का ही सहारा लेना पड़ता था |

पर पिछले  2 -3 सालों में मोबाइल फोन फोटोग्राफी में एक जबरदस्त क्रांति सी आ गयी है |

समय के साथ कब हम सिंगल कैमरा से ड्यूल, ट्रिपल होते हुए multi camera smartphone पर चले गए इसका पता ही नहीं चला |

वक्त के साथ साथ स्मार्टफोन में  कैमरे की संख्या  तो बढ़ गयी पर एपर्चर फिक्स्ड का फिक्स्ड ही रहा |

अपर्चर के बारे में आप जानते ही होंगे जो लेंस से भीतर आती हुई रौशनी को सीधा इमेज सेंसर पर केन्द्रित करता है |

उपलब्ध प्रकाश के हिसाब से  एपर्चर को बदलने के अपने अलग फायदे हैं |

इस समस्या को सैमसंग ने समझा और सबसे पहले अपने मॉडल गैलेक्सी S9 / S9+ में ड्यूल एपर्चर का कांसेप्ट ले कर आये |

आइये जानते हैं कि कैमरा फोन में वेरिएबल एपर्चर क्या होता है और कैसे यह तस्वीरों को और भी बेहतर बनाता है ?

 

मोबाइल कैमरा में एपर्चर क्या होता है ?

क्या आपको पता है कि एक तस्वीर को बेहतर से बेहतरीन बनाने के लिए एपर्चर की बहुत बड़ी भूमिका रहती है ?

यहाँ हम सोचते रह जाते हैं कि :-

  • यह चीज़ आखिर है क्या जिसका इतना प्रचार किया जा रहा है?
  • एक स्मार्टफोन कैमरा लेंस का कितना एपर्चर होता है ?
  • मोबाइल कैमरा में मुझे कितने अपर्चर की आवश्यकता है ?

जैसा अधिकतर लोग सोचते हैं aperture एक कैमरे का नहीं बल्कि लेंस का फीचर होता  है।

एपर्चर लेंस के भीतर स्थित वह छेद है जिससे होकर रौशनी कैमरे के भीतर इमेज सेंसर तक पहुंचती है  |

aperture
Credit : KoeppiK@wikimedia

जैसा की मैंने एक अन्य पोस्ट में बताया है कि हम एपर्चर की  तुलना अपनी आँखों से कर सकते हैं|

जिस प्रकार हमारे आँख की पुतलियां कम प्रकाश में फैल जाती हैं (जिससे अधिक प्रकाश आंख के भीतर जा सके और हम स्पष्ट देख सकें ) और अधिक प्रकाश में सिकुड़ जाती हैं उसी तरह से लेंस का अपर्चर भी काम करता है |

फोटोग्राफी की भाषा में aperture को  ‘f ‘ नंबर से दर्शाया जाता है |

‘f ‘ की कम संख्या मतलब बड़ा छेद (अधिक प्रकश ) और अधिक संख्या मतलब छोटा छेद (कम प्रकाश) |

आपने स्मार्टफोन खरीदते समय कैमरा स्पेक्स पर ज़रूर ध्यान दिया होगा जहाँ कुछ ऐसा दिया होगा |

what is aperture

रेडमी नोट 7  की वेबसाइट पर इस मोबाइल के कैमरा की स्पेक्स देखें तो पाएंगे कि इसका अपर्चर f/1.8 है  |

 

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Aperture का फोटो पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

आगे बढ़ने से पहले मैं आपको दो फोटो के बीच अपर्चर का अंतर दिखाता हूँ |

इस फोटो को मैंने सैमसंग S7 एज (f/1.7 ) और हुअवेइ P10 लाइट (f/2.2 ) से घर में ही कम रौशनी में खींचा है |

ड्यूल एपर्चर

अंतर स्पष्ट है, आपने यहाँ बड़े अपर्चर का महत्त्व समझ लिया है  कि कम रौशनी में यह कितना प्रभावी है |

इसी कारण अब मोबाइल फोन कैमरों के अपर्चर बढ़ते जा रहें हैं (f संख्या कम होती जा रही है ) |

इसका मतलब यह हुआ कि आज के स्मार्टफोन कम रोशनी में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहें हैं |

 

कैमरा फोन में कितना एपर्चर होना चाहिए | ड्यूल एपर्चर क्यों बढ़िया है?

बीते कुछ सालों में aperture f/2.4 से f/1.6 होता हुआ अब f/1.5 (Samsung Galaxy S10) पर पहुंच गया है |

अब हम यह सोचेंगे कि ड्यूल या वेरिएबल अपर्चर का फायदा क्या है और फिक्स्ड से  भी तो तस्वीरें अच्छी ही आती हैं |

जैसा मैंने पहले बताया था कि जितना बड़ा Aperture (छोटा f नंबर)  होगा उतना ही प्रकाश लेंस के भीतर जायेगा और कम प्रकाश में भी बेहतर तस्वीरें आएंगी |

इसके लिए सभी मोबाइल कंपनियों नेएपर्चर का आकार बढ़ाना शुरू कर दिया |

परन्तु इससे एक समस्या थी कि अधिक रोशनी में फोटो ओवरएक्सपोज्ड हो जाती थी और कम डेप्थ ऑफ़ फील्ड (shallow Depth of Field) के कारण शार्पनेस भी बढ़िया नहीं रहती थी |

हालाँकि इसका भी इलाज था कि यदि हम फ़ोन कैमरे को मैन्युअल मोड में लेकर ISO की संख्या घटा दें या फिर शटर स्पीड को तेज़ कर दें तो इस अवस्था से काफी हद तक बचा जा सकता था |

परन्तु जो फोटोग्राफी में नए हैं उनके लिए तो यह एक समस्या थी |

चूँकि मोबाइल कैमरे के लेंस का अपर्चर फिक्स्ड था इसका मतलब DSLR के लेंस जैसे हम उन्हें घटा या बढ़ा नहीं सकते थे |

(ऊपर जा कर लेंस अपर्चर की फोटो देखें ) | 

इस समस्या का समाधान था ड्यूल एपर्चर |

 

ड्यूल एपर्चर क्या होता है?

ड्यूल एपर्चर
Credit – Samsung

बदलती रौशनी की समस्या का इलाज निकाला सैमसंग ने अपने स्मार्टफोन गैलेक्सी S9/S9 Plus में जो हमें आगे इसके S10 सीरीज़ में भी देखने को मिला है |

हमने यह देखा कि एपर्चर अधिक होने से कम रोशनी में तो बेहतर तस्वीरें आती थीं पर अधिक रोशनी में हाईलाइट चले जाते थे |

अधिक उजाले में लेंस के भीतर जाते हुए प्रकाश को कम करने के लिए सैमसंग ने लेंस के छेद यानि कि Aperture का आकार घटा कर कर f/2.4  कर दिया |

इससे यह फायदा हुआ कि डेप्थ ऑफ़ फील्ड बढ़ने के कारण अधिक उजाले में भी बेहतर और शार्प तस्वीरें आने लगीं |

यह तकनीक किसी डीएसएलआर के समान ही है परन्तु अभी भी DSLR की गुणवत्ता मोबाइल कैमरे से कहीं बेहतर है |

यदि कैमरा ऑटो मोड में है तो बदलती हुई रौशनी में कैमरा अपने आप ही एपर्चर बदल लेगा जिससे तस्वीरें और बेहतर आ सकें|

जैसे कम रौशनी में बढ़िया तस्वीर लेने के लिए सैमसंग S9 / S10 में अपर्चर अपने आप 2.4 से 1.5 हो जायेगा |

इसका फायदा यह होगा कि कैमरा फोन को ISO बढ़ाना और शटर स्पीड घटाना नहीं पड़ेगा जिससे फोटो में नॉइज़  और ब्लर की समस्या नहीं आयेगी |

परन्तु यदि किसी को एक्सपोजर की सही जानकारी है तब कैमरे को मैन्युअल मोड में लेकर इन दो अपर्मेंचर से कुछ भी सेट किया जा सकता है |

यहाँ यह बात ध्यान देने वाली है कि हम f/1.5 और f/2.4 के बीच के अपर्चर  f/1.8  या  f /2.0 को मैन्युअल में भी सेट नहीं कर सकते हैं जैसा किसी DSLR  में होता है |

क्या पता आगे चल कर यह कमी भी दूर हो जाये |

 

और अंत में…

सैमसंग ने अपने कैमरा फ़ोन में वेरिएबल अपर्चर देकर एक तरह का नया दौर चालू कर दिया है पर आने वाले नए मॉडल 20 सीरीज में यह नहीं दिया गया है |

यह तकनीक बहुत बढ़िया है और आने वाले समय में  अन्य कम्पनियाँ इस प्रकार के कैमरे बाज़ार में लाएंगी तो पर्तिस्पर्धा और बढ़ेगी |

अब इससे हम उपभोगताओं का ही फायदा होगा क्योंकि आज के समय में ये तकनीक बहुत ही महंगी है |

हो सकता है आने वाले समय में ड्यूल एपर्चर के अलावा मल्टिपल सेटिंग वाले स्मार्टफोन भी बाज़ार में आ जाएँ |

DSLR और मोबाइल फ़ोन कैमरों के बीच की खाई समय के साथ साथ भरती जा रही है |

क्या पता आने वाले कुछ सालों में मोबाइल तकनीक इतनी विकसित हो जाये DSLR  भी पीछे छूटता जाये ?

हमें कमेंट कर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा और क्या आप भी ड्यूल एपर्चर वाला कैमरा फोन लेना चाहेंगे ?

हमें यह भी बताएं कि आप मोबाइल फोटोग्राफी में और क्या जानना चाहते हैं?

 

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4 thoughts on “मोबाइल कैमरा में ड्यूल एपर्चर क्या है और इसके क्या फायदे हैं?”

  1. बहुत अच्छी जानकारी देने के लिए धन्यवाद

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