कैमरा में सेंसर कैसे काम करता है | CCD और CMOS सेंसर क्या है?

कैमरा सेंसर सुनते ही सबसे पहले आपके दिमाग में क्या आता है ?

कुछ कठिन इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स जिसे समझना मुश्किल है, पर चलिए बात को कुछ और आसान बनाते हैं |

किसी कैमरा का फोटो सेंसर सबसे ज़रूरी इलेक्ट्रॉनिक पार्ट होता है जो लाइट को इकठ्ठा कर फाइनल फोटो बनाने में मदद करता है |

जितना बड़ा फोटो सेंसर होगा उतनी अच्छी तस्वीर आने की संभावना बढती जाएगी ख़ास कर लो लाइट में भी |

इसी कारण से एक 64MP मोबाइल कैमरे की फोटो क्वालिटी 24MP डिजिटल कैमरे से अच्छी नहीं आती है |

हम में से अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि जितना अधिक मेगापिक्सल होगा उतना ही फोटो बढ़िया आएगी |

पर होता इसका उल्टा है क्योंकि फोटो की क्वालिटी मेगापिक्सल पर पूरी तरह से नहीं बल्कि कैमरा के इमेज सेंसर पर निर्भर करती है |




आइये जानते हैं कि कैमरा इमेज सेंसर क्या होता है और फोटोग्राफी में कैसे इसका साइज़ ही सबसे ज़्यादा मायने रखता है?

इस बातचीत के दौरान आपको यह भी पता चलेगा कि कैमरा खरीदते समय फुल फ्रेम या क्रॉप सेंसर कैमरा में से कौन सा लेना बेहतर होगा?

कैमरा में इमेज सेंसर क्या है और कैसे काम करता है?

पुराने ज़माने में जैसे हम फोटो खींचने के लिए फिल्म रोल को इस्तेमाल करते थे वैसे ही अब डिजिटल कैमरे के समय में इसी फ़िल्म/रील का काम सेंसर करता है|

 

किसी कैमरे में इमेज सेंसर वह इलेक्ट्रॉनिक घटक (component) है जो लेंस से आती हुई रौशनी को इकठ्ठा कर के फोटो बनाने में सहायता करता है |

 

मान लें कि कैमरा में फोटो सेंसर एक चौकोर ट्रे है और उस ट्रे में अनगिनत कटोरियाँ रखीं हैं |

इन कटोरियों को हम Photosites या Photodiodes कह सकते हैं |

अब लेंस के द्वारा भीतर आती हुई रोशनी (यानि Photon packets) को हम किसी मटर के दाने जैसा समझ ले जो भीतर आ कर इन कटोरियों में इकठ्ठा हो रहीं हैं |

यह कटोरियाँ ही पिक्सल कहलाती हैं और जितनी अधिक कटोरियाँ होंगी (मेगापिक्सल या मिलियन पिक्सल) वह उतने ही दाने (फोटोन) इकठ्ठा करेंगी |

हर एक पिक्सल/कटोरी में एक संवेदनशील तत्व होता हैं जो यह कैलकुलेट कर सकता हैं कि यहाँ पर कितने मटर के दाने (Photons) आये हैं |

शटर गिरने और एक्सपोजर समाप्त होने के बाद इस कटोरी में जितने अधिक दाने इकट्ठे होंगे वह उतना ही शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल उत्पन्न करेगा |

यही सिग्नल डिजिटल माध्यम के द्वारा किसी तस्वीर की क्वालिटी तय करता है|

बढ़िया तस्वीरों के लिए क्या जरूरी है?  

1. बड़ा ट्रे (बड़ा सेंसर)
2. बड़े आकार की कटोरी (अधिक पिक्सल)
3. दोनों में से कोई एक 

यदि हमारे पास छोटा ट्रे है (1/2.5 इंच सेंसर वाला मोबाइल कैमरा) पर इसमें 20 मिलियन कटोरियाँ हैं (20  मेगापिक्सल) तब 25 mm2 की ट्रे  (1 /2.5 इंच सेंसर साइज़) में इतनी सारी कटोरियों को रखने के लिए इन कटोरियों का आकार घटाना पड़ेगा |


इसका मतलब अधिक मेगापिक्सल होते हुए भी इनमे उतना प्रकाश (Photons) इकठ्ठा नहीं होगा सो इसका सीधा असर फोटो की क्वालिटी पर पड़ेगा |

धिक मेगापिक्सल कि ज़रुरत तब पड़ती हैं जब हमें Photo Resize करना हो, बहुत बड़े आकर के पोस्टर बनाने हों या बहुत काट छांट (क्रॉपिंग) करनी हो |

एक बात यहाँ जाननी आवश्यक हैं कि किसी भी कैमरे में फोटो सेंसर एक प्रकार से वर्णान्ध (Color Blind) होता हैं और वह सिर्फ श्वेत श्याम (Black and white) ही देख सकता हैं|

इसके लिए सभी कटोरियों (Photodiodes) के ऊपर एक रंगीन फ़िल्टर रखना पड़ता है जो लाल, हरे और नीले रंगों में होते हैं (R G B Format) जिसके कारण ही हमें फोटो में रंग दिखाई पड़ते हैं (ऊपर दिए गए चित्र में देखें ) |

अब किसी कैमरे में इन तीन रंगो में से जिसकी अधिकता होगी तो फोटो भी उसी प्रकार से सैचुरेटेड दिखाई देगा |

अब आगे हम देखते हैं कि किसी कैमरे के क्रॉप फैक्टर से सेंसर साइज़ का क्या सम्बन्ध है ?

 

देखना न भूलें!

 

क्रॉप फैक्टर क्या है?

डिजिटल कैमरे के ज़माने में यह शब्द तो हम सबने सुना ही हैं |

बहुत ही सरल शब्दों में अलग अलग साइज़ के सेंसर का प्रयोग करने पर कैसे फील्ड ऑफ़ व्यू या फोकल लेंथ बदलती हैं उसका कारण क्रॉप फैक्टर ही  हैं |

पुराने समय में हम सब 35mm की फ़िल्म रोल का इस्तेमाल करते थे और उन्हें किसी भी SLR में लगा लो तब भी फील्ड ऑफ़ व्यू एक जैसा ही आता था

पर अब डिजिटल ने सब बदल कर रख दिया हैं | आज के समय में अलग अलग साइज़ के सेंसर वाले कैमरे बाज़ार में उपलब्ध हैं |

अब हम यहाँ पर 35mm को एक मानक (Standard) मान लेते हैं और फिर आज कल के सभी सेंसर के साइज़ की उससे तुलना करते हैं |

जैसे निकोन के क्रॉप सेंसर कैमरे में 1.5 का क्रॉप फैक्टर हैं, मतलब इसके सेंसर का साइज़ 35mm से डेढ़ गुना कम होगा |

अब मान लें जब हम इस कैमरे में 50mm f/1 .8 लेंस का प्रयोग करेंगे तो हमें 50mm की फोकल लेंथ न मिलके 50 x 1.5 = 75mm ही मिलेगी |

इसी कारण से जब किसी फुल फ्रेम (35mm) कैमरा लेंस को हम क्रॉप सेंसर कैमरा में इस्तेमाल करेंगे तो समान फोकल लेंथ पर भी फोटो तनिक ज़ूम होके ही आएगी |

 

कैमरा में फोटो सेंसर क्या साइज के होते हैं?Camera Sensor Size

फुल फ्रेम (36 x 24mm)

इस प्रकार के कैमरा में 35mm का इमेज सेंसर होता हैं जिनमे कोई भी क्रॉप फैक्टर नहीं होता हैं |

ये कैमरे अपेक्षाकृत महंगे होते हैं और ये प्रोफेशनल की श्रेणी में आते हैं |

Canon EOS 5d Mark IV, Nikon D850, Sony A7S II जैसे ही अनेकों कैमरे बाजार में उपलब्ध हैं |

 

APS-C (23.6 x 15.8mm)

APS-C कैमरों में 1.5X (Nikon, Sony) या 1.6X (Canon) का क्रॉप फैक्टर होता हैं और ये सेमी प्रोफेशनल श्रेणी में आते हैं |

इस प्रकार के कैमरे सबसे अधिक बिकते हैं और ये हर तरह के रेट पर उपलब्ध हैं |

Nikon D5600, Canon 80D, Sony A6500 कुछ उदहारण हैं|

 

माइक्रो फोर थर्ड्स (17.3 x 13mm) 

पैनासोनिक ने माइक्रो फोर थर्ड्स स्टैण्डर्ड 2008 में विकसित किया था जिसे 2009 के बाद ओलम्पस ने भी अपनाया |

माइक्रो फोर थर्ड्स इमेज सेंसर कैमरा में 2X का क्रॉप फैक्टर होता हैं |

यह कैमरे हलके होते हैं और इस श्रेणी में लेंस की भी बहुतायत है क्योंकि कोई भी लेंस इन दोनों कैमरों में अदल-बदल कर उपयोग किया जा सकता हैं |

Panasonic Lumix DMC-GH1, Olympus OM-D E-M5 कुछ उदहारण हैं

 

1 इंच (9 x 12mm)

बीते कुछ दिनों से इस प्रकार के कैमरे बहुत मशहूर हो रहे हैं जैसे Panasonic Lumix ZS200/TZ200, Sony Cyber-shot RX10 IV , Canon PowerShot G9 X Mark II इत्यादि |

इन कैमरों में 3X का क्रॉप फैक्टर होता हैं और ये पॉइंट एंड शूट और ब्रिज कैमरा श्रेणी में उपलब्ध हैं |

इनमे अलग से लेंस नहीं लगा सकते और इन्हें प्रीमियम पॉइंट एंड शूट कैमरा भी  कहा जाता हैं |

 

1/2.3 इंच (6.17 x 4.55 mm)

बाकी बचे सभी प्रकार के कॉम्पैक्ट और ब्रिज कैमरे इस श्रेणी में आते हैं |

ये साधारण पॉइंट एंड शूट और मोबाइल कैमरा के अंतर्गत आते हैं |

इन्हे आसानी से जेब के भीतर भी रखा जा सकता हैं और ये बहुत सस्ते भी मिलते हैं |

इन कैमरों में 5.5X का क्रॉप फैक्टर होता हैं और तस्वीरें भी साधारण से ठीक ठाक तक होती हैं |

कुछ उदहारण हैं  – Canon PowerShot SX730 HS, Nikon Coolpix A100, Sony Cyber-shot DSC-W800


1/2.3 इंच और इससे कम का फोटो सेंसर

इस प्रकार के इमेज सेंसर का प्रयोग अधिकतर मोबाइल कैमरा में होता हैं |

मोबाइल का आकार छोटा और हल्का रखने के लिए ही इतने छोटे सेंसरों का प्रयोग किया जाता हैं |

इसी कारण से इन कैमरों में 6 से 7X का क्रॉप फैक्टर मिलता हैं|

अब इतने क्रॉप फैक्टर के कारण इफेक्टिव फोकल लेंथ बहुत बढ़ जाती हैं जिससे छोटा फील्ड ऑफ़ व्यू मिलता हैं |

 

बहुत ही छोटे इमेज सेंसर (1/2.3 inch और इससे कम) के कारण ही मोबाइल कैमरों में डीएसएलआर जैसी फोटो नहीं आती खासकर कम लाइट मे

 

 

कैमरा में इमेज सेंसर कितने प्रकार के होते हैं?

क्या आपको पता है कि कैमरा में इमेज सेंसर भी अलग अलग प्रकार के होते हैं जिसे तरह तरह के कैमरों में इस्तेमाल किया जाता है?

वैसे देखा जाये तो सभी कैमरा सेंसर फोटो को कैप्चर करने के लिए अलग अलग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं पर अंतिम रिजल्ट सबका एक जैसा ही होता है |

आइये जानते हैं कैमरा में तीन प्रकार के मुख्य फोटो सेंसर के बारे में :-

 

1. CMOS इमेज सेंसर 

cmos इमेज सेंसर

CMOS का full form होता है Complementary Metal Oxide Semiconductor |

आपके डीएसएलआर और मोबाइल कैमरे के सेंसर अधिकतर सीएमओएस ही होते हैं |

CMOS इमेज सेंसर के कम इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होते हैं और इसीलिए ये कम पॉवर खींचते हैं |

CMOS सेंसर सस्ते होते हैं और इसीलिए इनका प्रयोग अधिकतर प्रकार के कैमरे में किया जाता है |

पर ये फोटो सेंसर कम लाइट सेंसिटिव होते हैं और इसीलिए बढ़िया रौशनी को कैप्चर करने के लिए बड़ा सेंसर की ज़रुरत होती है |

इसीलिए कम लाइट सेंसिटिविटी के कारण CMOS सेंसर कैमरे में अधिक नॉइज़ की समस्या आती है |

इस टाइप के सेंसर हाई स्पीड बर्स्ट शॉट्स के लिए बेहतरीन होते हैं |

 

2. CCD इमेज सेंसर 

ccd फोटो सेंसर
wdwd, CCD Sensor Sony Video Camera, CC BY 3.0

CCD का full form होता है Charge Coupled Device |

 इस प्रकार  के सेंसर का प्रयोग अधिकतर वीडियो कैमरा और हाई एंड मीडियम फॉर्मेट कैमरा  में किया जाता है |

सीसीडी इमेज सेंसर CMOS से बढ़िया इसलिए माने जाते हैं क्योंकि इनकी लाइट सेंसिटिविटी, डायनामिक रेंज और नॉइज़ कण्ट्रोल अधिक बेहतर होता है |

हांलाकि इनकी सबसे बड़ी कमी यह है कि सीसीडी सेंसर पॉवर बहुत खाते हैं और महंगे होते हैं |

इसीलिए जिस कैमरा में CCD फोटो सेंसर होंगे उनकी बैटरी जल्दी ख़त्म हो जाएगी |

 

3.  Live MOS इमेज सेंसर 

Live MOS का full form होता है Live Metal Oxide Semiconductor |

Leica, Panasonic और Olympus जैसे माइक्रो फोर थर्ड्स कैमरा Live MOS Sensor का बखूबी प्रयोग करते हैं |

Live MOS image sensor की फोटो क्वालिटी CCD और पॉवर CMOS सेंसर की तरह से होती है |

 

मोबाइल कैमरा में इमेज सेंसर का साइज कितना होता है?

अब तक आप सभी प्रकार के कैमरे के लिए सेंसर का महत्त्व तो समझ ही गए होंगे |

आजकल मोबाइल कैमरा का ज़माना है इसलिए कैमरा फोन के इमेज सेंसर की तुलना करना यहाँ ज़रूरी हो जाता है |

आइये जानते हैं कि भारत के कुछ मशहूर मोबाइल कैमरा में कितना साइज़ का फोटो सेंसर रहता है |

कैमरा फोन कैमरा सेंसर साइज 
1.Redmi Note 8 1/2 इंच 
2.Redmi Note 8 Pro 1/1.72 इंच 
3.Realme XT 1/1.72 इंच 
4.Realme X2 1/1.72 इंच 
5.Samsung M30S 1/2 इंच 
6.Redmi Note 9 Pro Max1/1.72 इंच 
7.Mi A3 1/2 इंच 
8.Samsung S20/S20 Plus1/1.76 इंच 
9.iPhone 11/11 Pro1/2.55 इंच 
10.Huawei P30 Pro1/1.7 इंच 

 

 

और अंत में…

आशा है कि आप कैमरा में इमेज सेंसर क्या होता है यह जान चुके होंगे और यह भी समझ चुके होंगे कि सेंसर कैसे काम करता है?

आपने देखा कि क्रॉप फैक्टर की क्या जरूरत है और कैसे यह आपकी तस्वीरों को प्रभावित करता है?

सेंसर साइज़ और क्रॉप फैक्टर की जानकारी आपके लिए बहुत आवश्यक है अगर आप नया कैमरा खरीदने जा रहे हैं |

हमें कमेंट कर बताएं कि आपको यह लेख कैसा लगा और आप कौन से आकार के फोटो सेंसर वाले कैमरे का उपयोग करते हैं ?

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6 thoughts on “कैमरा में सेंसर कैसे काम करता है | CCD और CMOS सेंसर क्या है?”

  1. सर आपके पास कोई पुराना कैमरा है मुझे सेकंड हैंड कैमरा चाहिए क्योंकि नया कैमरा के लिए बजट नहीं बन पा रहा है। कोई पुराना कैमरा हो जो 10000 तक में मिल जाए तो प्लीज मुझे बताइएगा मैं पेमेंट पहले कर दूंगा फिर आप मेरे एड्रेस पर सेंड कर दीजिएगा या फिर अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो बताइएगा तो मैं वहां आ जाऊंगा। डीएसएलआर हो या मिरर्लेस हो कोई सा भी। धन्यवाद

    1. अनुपम श्रीवास्तव

      सुशील जी हम अभी कुवैत में रहते हैं इसलिए चाहते हुए भी इसमें आपकी मदद नहीं कर पाएंगे | पर हाँ आप OLX ज़रूर देखें |

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