फोटोग्राफी के लिए कौन सा कैमरा खरीदूं [मेरी फोटोग्राफी यात्रा]

फाइनली, एक नया कैमरा लेने का सोच ही लिया या फिर अपने पुराने कैमरे को अपग्रेड करने की सोच रहे हैं |

Congratulations !

पर एक समस्या है कि फोटोग्राफी के लिए मुझे कौन सा कैमरा लेना चाहिए?

इसलिए अभी थोड़ा रुकें और अपनी आवश्यकताओं को एक पेपर पर लिख लें कि:

हम सोचते हैं यदि हमने DSLR ले लिया तो हम बहुत अच्छे फोटो ले सकते हैं पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है |

इस दौड़ में शामिल हो कर हम एक महँगा DSLR और लेंस ले तो लेते हैं पर बाद में वह एक कोने में ही पड़ा रह जाता है |

ध्यान  देने  वाली  बात  यह  है  कि  पहले  हम  अपने  कैमरे (चाहे वह कोई भी कैमरा हो) की बारीकियों को  समझें |

अपने कैमरे के साथ थोड़ा समय बिताएं और फोटोग्राफी के  मूल  शब्दों  जैसे  shutter, aperture, ISO, focus इत्यादि को समझने का बेहतर प्रयास करें |

यह एक लेख नहीं है बल्कि मेरे और आप के बीच एक चर्चा है जहाँ मैं आपके साथ अपने पिछले 22 वर्षों  के फोटोग्राफी अनुभवों को साझा करूंगा |

इन वर्षों में मैंने ढेरों प्रकार के कैमरा उपयोग किया है और यह जानकारी आपके लिए बड़ी आवश्यक होने वाली है |

मेरे इन अनुभवों से आप बहुत कुछ सीख सकेंगे जिससे आपको एक बेहतरीन कैमरा चुनने में मदद मिल सकेगी | 

मेरी फोटोग्राफी यात्रा!




 

फिल्म रोल कैमरे (SLR) का सफ़र 

सन् 1999 के आस पास मैंने अपना पहला एस.एल.आर (SLR) फिल्म कैमरा- ‘Kodak – KB10’ लिया |

उस समय कोडक का वर्चस्व था और यही एक सस्ता, सुन्दर और टिकाऊ कैमरा था जिससे मैं अपनी फोटोग्राफी की शुरुआत कर सकता था|  

फिल्म कैमरा

इस कैमरे में 30 mm, f/8 का fixed focus लेंस था |

1/100 के fixed ISO के साथ ही यह पूर्ण रूप से एक मैन्युअल फोटोग्राफी कैमरा था |

पर पहला तो पहला ही होता है सो इस कैमरे के साथ बड़ी यादें जुड़ी हैं | 

सन् 2003 में मैंने फिर से kodak का ही ‘KE-60’ मॉडल लिया जो स्वचालित (Automatic) होने के साथ साथ तनिक विकसित भी था |

इसमें 29 mm, f/5.6 का fixed focus लेंस था जो अधिक प्रकाश को भीतर आने देता था जिससे कम प्रकाश में भी ठीक फ़ोटो आते थे |

देखना न भूलें !

डिजिटल दुनियां में प्रवेश | पॉइंट एंड शूट फोटोग्राफी कैमरा 

2005 तक आते आते मैंने डिजिटल कैमरा के बारे में सोचना शुरू किया क्योंकि पूरी दुनिया उसी ओर भाग रही थी |

मैंने सोचा कि अब तो 36 फोटो (फ़िल्म रोल) के ऊपर भी कुछ होता है |

डिजिटल फोटोग्राफी कैमरा में जितना मर्ज़ी चाहे फ़ोटो खींचते रहो और फिल्म बर्बाद होने का कोई झंझट ही नहीं |

डिजिटल कैमरे उस समय बड़े महंगे मिलते थे |

मैंने Canon का 6 मेगापिक्सल point and shoot मॉडल ‘A 540’ लिया जो उस समय लगभग 15000 रु का था |

ये मेरे लिए अभी तक का सबसे बड़ा निवेश था |

Fixed से variable focal length पर आना मेरे लिए एक नई बात थी क्योंकि इस कैमरे में 4X optical ज़ूम (35 – 140 mm) था |

इस कैमरे में ऑटो के साथ ही पूरे मैन्युअल कंट्रोल्स भी  थे |

जैसे aperture f/2.6 से f/5.5, ISO 80 से 800 और शटर 15 से 1/2000 सेकंड तक बदला जा सकता था |

इसके साथ साथ इसमें 30 fps पर VGA ( 640 x 480) resolution की विडियो रिकॉर्डिंग भी कर सकते थे |

इस कैमरे के उपयोग से मेरी फोटोग्राफी भी एक स्तर ऊपर हो गयी थी क्योंकि मैंने इससे बहुत कुछ सीखा |

पॉइंट एंड शूट फोटोग्राफी कैमरा के फायदे

  • कम size और weight – इस प्रकार के कैमरों का सबसे बड़ा advantage है साइज़ या आकार | यात्रा के लिए यह सबसे उपयुक्त कैमरा है और ये बहुत हलके भी होते हैं |

  • सस्ते – ये काफ़ी सस्ते और सबकी पहुँच के भीतर हैं | साधारण और काम भर के point & shoot  ultracompct कैमरे आजकल 10,000 रु के भीतर मिल जायेंगे |

  • कैमरा फोन से बेहतर ज़ूम और क्वालिटी – आज के समय में स्मार्टफोन कैमरा ने compact/ultracompact कैमरा को कहीं पीछे छोड़ दिया है|

पर अभी भी यह स्मार्टफोन से कहीं बेहतर है क्योंकि इनमे एक बड़ा सेंसर (1/2.3″ – 6.17 x 4.55 mm) और लम्बा ज़ूम होता है |

जिस तरह से मोबाइल फोटोग्राफी तकनीक विकसित होती जा रही है उसको देख कर लगता है कि कुछ ही सालों में वाकई point & shoot कम्पटीशन से बाहर ही हो जायेंगे |

पॉइंट एंड शूट फोटोग्राफी कैमरा के नुक्सान

  • छोटा सेंसर – पॉइंट एंड शूट कैमरों का सेंसर साइज़ DSLR और कुछ Large Sensor Compact कैमरों से छोटा होता है इसलिए कम रौशनी में बेहतर तस्वीर नहीं दे पाते हैं |

उदहारण के लिए Canon PowerShot G9 X Mark II में  1 इंच  (13.2 x 8.8 mm) का सेंसर है जो बड़ा होने के कारण कम रौशनी में भी अच्छी तस्वीर देता है |

  • मैन्युअल कण्ट्रोल की कमी – यदि हम थोड़ा भी फोटोग्राफी के बारे में जानते हैं तब मैन्युअल कण्ट्रोल का रहना आवश्यक है जिसमे हम ISO, शटर और aperture सीन के हिसाब से बदल सकें |

कई कम दाम वाले  पॉइंट एंड शूट कैमरा में मैन्युअल मोड की कमी रहती है इसलिए फोटोग्राफी पर उतना नियंत्रण नहीं रहता है | 

  • Image stabilization की कमी – बहुत सारे  Compact/Ultracompact में या तो stabilization बिलकुल नहीं रहता है या सिर्फ डिजिटल ही रहता है |

कोशिश करें कि ऐसे कैमरे में हमें optical stabilization मिले जो ज्यादा बेहतर होता है |

कुल मिला कर हम कह सकते हैं कि आज के समय में एक ठीक ठाक मोबाइल कैमरा किसी साधारण पॉइंट एंड शूट कैमरे  से बेहतर है |

ब्रिज कैमरा क्या है | ब्रिज कैमरों का शुरूआती दौर 

सन् 2007-08, कैमरा उद्योग में नवीनतम प्रयोग और बड़ी तीव्रता से परिवर्तन हो रहे थे |

अब full HD (1080 P) और बड़े मेगापिक्सेल्स का ज़माना आ गया था |

इस साल में एक नए तरीके के कैमरे ने बाज़ार में कदम रखा – ‘Superzoom Bridge’ कैमरा |

ब्रिज कैमरा वह कैमरा है जिसमे लम्बा ज़ूम, बेहतर विडियो और तेज़ Burst mode होता है |

एक कोने से देखने में भी ये कुछ कुछ DSLR जैसे ही लगते हैं और कई में तो पूरे मैन्युअल कंट्रोल्स भी होते हैं |

कैमरा खरीदने की सहायता
DreamGYM-wikimedia

उदाहरण के लिए सन  2007-08  के कुछ सफल bridge कैमरे थे |

  • Nikon Coolpix P80 (18X Zoom, f/2.8-f/4)
  • Olympus SP-550/560 UZ (18X Zoom, f/2.8-f/4.5)
  • Panasonic DMC-FZ18 (18X Zoom, f/2.8-f/4.2)
  • Canon SX1/SX10 IS (18X Zoom, f/2.8-f/5.7)
  • Sony Cybershot H7/H9 (15X Zoom, f/2.7-f/4.5) 

मुझे भी अब लगने लगा था कि अब फिर से camera बदलने का समय निकट आ रहा है |

इस समय जो भी कैमरे आ रहे थे उनमे 8 से 10 मेगापिक्सेल 1/2.3 -1/2.5 इंच सेंसर होता था और बहुतों में फुल HD विडियो रिकॉर्डिंग अभी  भी नदारद थी | 

समय के साथ ब्रिज कैमरा तकनीक में नयापन

मैंने कुछ और समय प्रतीक्षा करना निश्चित किया |

अगस्त 2009 के आस पास मैंने Sony Cybershot DSC-HX1 लेना तयं किया जो की इस श्रंखला में नवीनतम प्रवेश था |

इस कैमरे में 20X ज़ूम के साथ साथ 10 fps burst की सुविधा थी |

हांलाकि इसमें विडियो केवल HD (1440 x 1080, 30 fps) तक ही सीमित था पर इसमें CMOS-G लेंस, 1/4000 न्यूनतम शटर गति और अनेकों shooting modes थे जो इसे अन्य कैमरों से प्रथक बनाते थे | 

हम किसी अन्य पोस्ट में DSLR कैमरे के विकास के बारे में बात करेंगे परन्तु यहाँ यह बताना आवश्यक है कि bridge कैमरों की बढती लोकप्रियता को देखकर DSLR में भी HD वीडियो सम्मिलित होता चला गया |

Nikon-D90 पहला ऐसा DSLR था जिसमे 1280x720p की विडियो रिकॉर्डिंग की भी सुविधा थी |

माइक्रो फोर थर्ड्स (MFT) कैमरों का आगाज़ | बदलती कैमरा तकनीक

2008 में ही Olympus ने एक नया मानक बाज़ार में उतारा – ‘Micro Four Thirds system (MFT or M4/3)’ जिसमे 2.0 का crop फैक्टर था और इसे बाद में Panasonic ने भी अपनाया |

कैमरा खरीदने की जानकारी

अब नए नए प्रयोगों का दौर था और फ़ोटोग्राफी के उपकरण भी सबकी पहुँच के भीतर आते जा रहे थे | पर अभी भी लेंस के साथ DSLR camera लेना हमारे जैसे अनेकों लोगो की पहुच से बाहर था |

2014 आते आते फ़ोटोग्राफी उद्योग अति विकसित हो चला था |

अब मुझे 9 मेगापिक्सेल नाकाफी सा लगने लगने लगा था और उच्च frame rate पर HD विडियो की कमी भी खलने लगी थी | 

तब मैंने Sony Cybershot DSC-HX400V कैमरा लिया | इसमें  20 मेगापिक्सेल का CMOS सेंसर और f/2.8 – f/6.3 aperture था |

50X optical ज़ूम के साथ साथ इसमें वाई-फाई, NFC, GPS के अलावा 60 fps तक full HD विडियो रिकॉर्डिंग की भी सुविधा थी |

यह उस समय का सबसे उच्चतम स्तर का bridge कैमरा था |

sony bridge camera

 

मैंने अपने Sony कैमरे से सभी मैन्युअल कंट्रोल्स का भरपूर अभ्यास किया |

यह कैमरा मेरी सभी आवश्यकताओं को पूरा कर रहा था परन्तु अभी भी लगता था जैसे कुछ शेष हो |

अधिक प्रकाश में इसका प्रदर्शन तो अच्छा रहता था परन्तु मद्धम प्रकाश में यह उस तरह काम नहीं कर पाता था जिसका कारण इसका छोटा सेंसर (1/2.3 इंच ) का होना था |

इस समय हर point and shoot और ब्रिज कैमरे contrast detection की focus पद्धति पर ही काम करते थे जिससे tele zoom end पर focus करना मुश्किल हो जाता था |

परन्तु मुझे लगता है कि कुछ कमियों को छोड़कर यह आज भी मेरे लिए एक उत्कृष्ट कैमरा है |

ब्रिज कैमरा के फायदे 

  • लम्बा ज़ूम – इस प्रकार के कैमरों में एक बेहतर ज़ूम मिलता है जो wildlife के लिए बहुत ही अच्छा है |

Nikon ने अभी Coolpix P1000 बाज़ार में उतारा है जिसमे 125X ऑप्टिकल ज़ूम है जो अब तक का सर्वाधिक ज़ूम है |

  • DSLR जैसे फीचर – इनमें लेंस बदलने को छोड़कर लगभग बाकी features DSLR जैसे ही होते हैं |

इनमें मैन्युअल कण्ट्रोल, IS, continuous drive जैसे अनेकों फीचर भी हैं  | 

  • Optical Image stabilization का साथ – आजकल अधिकतर ब्रिज कैमरे में ऑप्टिकल इमेज stabilization रहता है|

ब्रिज कैमरा के नुक्सान

  • छोटा सेंसर – इनका सेंसर साइज़ DSLR और कुछ Large Sensor superzoom कैमरों से छोटा होता है इसलिए कम रौशनी में बेहतर तस्वीर नहीं दे पाते हैं |

उदहारण के लिए Sony Cyber-shot DSC-RX10 IV में 1 इंच  (13.2 x 8.8 mm) का सेंसर है जो बड़ा होने के कारण कम रौशनी में भी अच्छी तस्वीर देता है | Bridge superzoom में यह अभी तक का बेहतरीन कैमरा है | 

  • बड़ा आकार और वज़न – इनका वजन DSLR जैसा ही होता है पर इन कैमरों में बार बार लेंस बदलने की झंझट नहीं रहती |
  • DSLR जैसा ऑटोफोकस नहीं – कुछ कैमरों को छोड़कर सभी bridge superzooms में फोकस के लिए contrast detection तकनीक का ही प्रयोग होता है जो अपेक्षाकृत धीमा होता है |

हांलाकि Sony Cyber-shot DSC-RX10 IV में contrast detection के अलावा Phase detection autofocus भी है जिससे यह फोटो और विडियो में बेहतर परिणाम देता है और इसे आज के समय का एक बेहतरीन ब्रिज कैमरा कहा जा सकता है |

ध्यान दें  – यदि आप फोटोग्राफी के लिए थोड़ा भी गंभीर हैं तो compact /Ultra compact कैमरा आपके लिए नहीं है |बड़े सेंसर वाले ब्रिज कैमरे एक साधारण DSLR से कहीं बेहतर है |

Interchangeable लेंस कैमरा (DSLR/Mirrorless )

DSLR फोटोग्राफी

2016 में एक मित्र से Nikon D3400 उपयोग करने का मौका मिला |

मैंने पाया कि Sony ,Nikon और Canon उपयोग में हर एक से बिलकुल ही भिन्न थे |

मैंने कुछ यात्राओं में इस कैमरे का उपयोग किया और पाया कि DSLR तो DSLR ही है यदि इसे सही तरीके से उपयोग किया जाये |

मेरा मतलब यहाँ पूर्णतया मैन्युअल से है जैसे aperture, shutter, focus, white balance को मैन्युअल में रखकर कैमरे का उपयोग करना |

मैंने पाया कि कम रौशनी में DSLR के परिणाम मेरे bridge कैमरे से बेहतर थे | 

पर DSLR में एक बात तो थी कि एक ज़ूम लेंस जैसे 70 -300 mm के साथ ये बड़े भारी हो जाते थे जिससे किसी यात्रा के दौरान इन्हें ले जाना थोड़ा सा मुश्किल लगता था |

पर यह तो कोई बात नहीं हुई, DSLR का विरोध प्रदर्शित करने के लिए |

मैंने पाया कि Nikon के इस कैमरे में जब भी विडियो बनाते थे तो शायद phase detect autofocus, contrast detect में परिवर्तित हो जाता था जिससे विडियो अच्छे नहीं आते थे |

मेरे Sony कैमरे में भी contrast detect ही था परन्तु विडियो Nikon से बेहतर आते थे |

इसका कारण मुझे समझ नहीं आया फिर तनिक खोज करने पर यह पाया की बहुत सारे DSLR में यही समस्या थी जिससे फोटो तो अच्छे आते थे पर विडियो उतना अच्छा नहीं होता था |

विभिन्न प्रकार के focus detection के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट ज़रूर देखें |

मेरा फाइनल चुनाव – एक मिररलेस कैमरा 

sony mirrorless camera

अंततः 2018 में मैंने एक interchangeable लेंस कैमरा लेना निश्चित किया और इसके बारे में मैं महीनो तक शोध करता रहा |

मुझे  कैमरे का चुनाव करने में अधिक परेशानी नहीं हुई क्योंकि मुझे फोटो के साथ साथ वीडियो को भी ध्यान में रखना था |

इसके अलावा मुझे पता था कि मुझे किस प्रकार की फोटोग्राफी करनी है |

कैमरा तो ठीक है, मुझे लेंसों पर भी ध्यान रखना था क्योंकि महंगे  कैमरे के चक्कर में कई बार लोग सस्ते या किट लेंस से ही काम चलाते हैं जिसके परिणाम अच्छे नहीं होते |

कैमरे के साथ ही लेंस की उत्कृष्टता और मूल्य को ध्यान में रख कर मैंने Mirrorless की और जाना तयं किया और Sony A6300 ले लिया |

मैंने DSLR की अपेक्षा एक मिररलेस कैमरा क्यों लिया इसके बारे में आप और विस्तार से यहाँ जान सकते हैं |

24 मेगापिक्सेल का मेरा सोनी A6300 कैमरा, 425 phase detect autofocus points के साथ आता है |

इसलिए इसका autofocus, क्या फोटो और क्या विडियो, दोनों में ही अभूतपूर्व है खासकर रु 60,000 से 75,000 वाली श्रेणी में |

मैंने इसके kit लेंस को न ले कर एक 35 mm, f/1.8 का prime और 18-135, f/3.5-5.6 का ज़ूम लेंस लिया |

और अंत में … 

बात तो सही है कि कैमरे का उपयोग सभी के लिए अलग अलग होता है इसलिए किसी भी प्रकार का camera लेने से पूर्व अपनी आवश्यकताओं को एक कागज़ पर लिख ले तत्पश्चात विचार करें, इससे बड़ी सहायता मिलेगी |

आप अपने आप से ही कुछ प्रश्न कर लें जैसे ;

  • क्या वाकई आप कैमरा खरीदना चाहते हैं या फिर आपका काम कैमरा फ़ोन से ही चल जायेगा?
  • कैमरे को आप मुख्यतः किसके लिए इस्तेमाल करेंगे  – फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या दोनों |
  • आप की रूचि किस प्रकार की फोटोग्राफी में है ?
  • आप क्या फोटोग्राफी को एक करियर के रूप में देखते हैं ?
  • कहीं फोटोग्राफी आपका पैशन तो नहीं और आप इसे कितने वर्षों से करते चले आ रहे हैं |
  • कैमरे के अलावा भी क्या आप लेंस और बाकी फोटोग्राफी उपकरणों में पैसा लगाना चाहते हैं ?
  • क्या आप अपना कैमरा केवल घूमने फिरने के दौरान ही निकालना चाहते हैं क्योंकि उसी हिसाब से उसका आकार और वज़न तयं होगा ?

और आखिर में सबसे बड़ी बात, अपना एक बजट ज़रूर बनायें |

हमें कमेंट कर बताएं कि आपको यह डिस्कशन कैसा लगा और आज आपने कौन सा कैमरा चुना है?

इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें जिससे सभी लोग इसका लाभ ले सकें |

 

शेयर करें!

10 thoughts on “फोटोग्राफी के लिए कौन सा कैमरा खरीदूं [मेरी फोटोग्राफी यात्रा]”

    1. अनुपम श्रीवास्तव

      कमेंट करने के लिए आभार रामवीर जी | NIKON COOLPIX S2800 करीब पांच साल पुराना एक बेसिक पॉइंट एंड शूट कैमरा है | यह मॉडल तो अब बंद हो गया है और आज के हिसाब से ठीक नहीं है | वैसे देखा जाये तो आजकल कोई भी पॉइंट एंड शूट कैमरा लेने लायक नहीं है क्योंकि उसकी जगह मोबाइल ने ले ली है | आप हमारा हर प्रकार के कैमरा वाला यह पोस्ट पढ़ें – https://yatragraphy.com/type-of-camera-hindi/
      मैं नहीं जानता कि आपका बजट कितना है फिर भी यदि आप 6000-8000 रु के बीच किसी पॉइंट एंड शूट कैमरा के साथ जाना ही चाहते हैं तब Canon IXUS 185 के साथ जाएँ | आप इस कैमरे को अमेज़न पर देख सकते हैं –

  1. Dear sir mai army m hu mujhe photo or vedios ka har us place ki chizo ko apni memorie mai save karne me ruchi hai mujhe abhi koi latest camera 15 se 20 ki range mai btaye achchi dslr pic a jaye jisme sirf ye mere liye hai

    1. अनुपम श्रीवास्तव

      अजय जी कमेंट के लिए आपका धन्यवाद | आपको मैं यहाँ दो कैमरे बताता हूँ जो आपको बिलकुल एक DSLR जैसी फीलिंग देंगे | यही नहीं इनके ज़ूम जबरदस्त हैं और आप इसमें मैन्युअल सेटिंग भी कर सकते हैं |
      १. Nikon B500 – अमेज़न पर दाम देखें
      २. Canon PowerShot SX540HS – अमेज़न पर दाम देखें

  2. Sir mai एक lakh tak का video camera kharidna chahta hu lekin samjh में नहीं आ रहा कौन sa camera kharide. Plz मेरी help करे.

  3. सर मुझे wildlife photography ke liye best camera or lens बताओं jiska pura बजट under 2 lakhs ho..
    Sir reply jarur dena important hai plus confusion hai
    Please please please please 🙏 😢 😭

  4. Namaskar!
    Aapke lekh bahut hi badhiya aur gyanvardhak hai. Aap aise hi likhte rahein.
    Mere pas Nikon D3500 DSLR hai aur Mai photography me bilkul naya hun. Isliye mai AUTO mode par photo leta hun.

    Mere camera me ISO automatic hai. Shutter and Aperture ko manula mode me ghata badha sakte hain.

    Mujhe ye bataiye ki ek regular/normal photo lene ke liye normally Shutter aur Aperture ko kitna par set kar ke rakhna chahiye jisse ki bina shutter/ aperture change kiye normal photo fatafat liya ja sake.

    Dhanywad.

    1. सबसे पहले तो यहाँ विजिट करने के लिए आपका धन्यवाद | अब आते हैं आपके प्रश्न पर |
      मैं मानकर चलता हूँ की आप 18 -55 mm यानि किट लेंस का प्रयोग कर रहे हैं |
      वैसे मेरे हिसाब से आप इस कैमरा में ISO भी मैन्युअल सेट कर सकते हैं और बढ़िया फोटो के लिए 100 (अधिक रौशनी में) और 800 तक (कम रौशनी में) में सेट करें |
      वैसे ऑटो में भी फोटो ठीक ठाक आ जाती है पर अगर आप नार्मल फोटो लेना चाहते हैं , मतलब जिस दिन ठीक ठाक रौशनी हो तब
      पोर्ट्रेट – f3.5, 1/100 – 250, focal length 50 – 85mm
      बच्चों की भाग दौड़ या कुछ फ़ास्ट मूविंग सीन – f4 -8 , 1/350 – 500
      दूर के लैंडस्केप – f8-11 , 1/100 – 250 , focal length 18 – 24 mm
      तो देखा जाये तब आपको सीन के हिसाब से अपनी सेटिंग हमेशा बदलनी पड़ेगी |
      वैसे आप ऑटो पर भी खींच सकते हैं पर अगर एक बार बढ़िया प्रैक्टिस हो जाये मैन्युअल मोड की तब आप बहुत जल्दी ये सब सेटिंग बदल सकते हैं |
      धन्यवाद

Leave a Comment

Your email address will not be published.

आप इस पेज की सामग्री को कॉपी नहीं कर सकते!

Scroll to Top